Tuesday, March 29, 2011

तू तेज़ चल/ tu tez chal


है काली रात 
है खाली रात 
है बुझती आग 
तू खुद में झाँक 
तू खुद को आँक
यही वक़्त है 
ज़रा सख्त है 
तू तेज़ चल 
तू बढता चल 
तू जी ले आज 
तेरा होगा कल 
तू तेज़ चल 
ज़रा तेज़ चल 
न पीछे देख 
न नीचे देख 
न रंग बदल
न ढंग बदल 
कोई सपना बुन 
नच  अपनी धुन 
तू आज जाग 
गा अपना राग 
तू तेज़ चल 
तू बढता चल 
तू जी ले आज 
तेरा होगा कल 
तू तेज़ चल 
ज़रा तेज़ चल 
न टूट कर 
न रूठ कर 
न बिखर कर 
न उखड कर 
मन को पकड़ 
तो बढ़ता चल 
तू तेज़ चल 
तू बढता चल 
तू जी ले आज 
तेरा होगा कल 
तू तेज़ चल 
ज़रा तेज़ चल 
तू इतना तन 
तू फलक बन 
तू धूप बन 
तू छाँव बन 
तू नदी बन 
तू नाव बन 
पर ध्यान रख 
न लगे दाग 
तू तेज़ चल 
तू बढता चल 
तू जी ले आज 
तेरा होगा कल 
तू तेज़ चल 
ज़रा तेज़ चल 


hai kaali raat 
hai khali raat 
hai bhujhti aag 
tu khud mein jhaank
tu tez chal 
tu badta chal 
tu jee le aaj 
tera hoga kal
tu tez chal
zara tez chal
naa peech dekh
na neeche dekh 
na rang badal 
na dhang badal
koi sapna bun
nach apni dhun
tu aaj jaag
gaa apna raag


tu tez chal 
tu badta chal 
tu jee le aaj 
tera hoga kal
tu tez chal
zara tez chal
na toot kar
na rooth kar
na bikhar kar
na ukhad kar
man ko pakad
tu badta chal


tu tez chal 
tu badta chal 
tu jee le aaj 
tera hoga kal
tu tez chal
zara tez chal
tu itna ban
tu falak ban
tu nadi ban
tu naav ban
par dhayaan rakh
na lage daag


tu tez chal 
tu badta chal 
tu jee le aaj 
tera hoga kal
tu tez chal
zara tez chal


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